बाढ़ का मुकाबला’ (पाठ-12)
बाढ़ का मुकाबला’ (पाठ-12) की अभ्यास-माला के प्रश्न और उत्तर हिंदी में दिए गए हैं।
पाठ से: (Page 94)
1. समीरण के गाँव और उसके आस-पास के क्षेत्र में क्यों बाढ़ आई थी?
Ans. समीरण के गाँव और आस-पास के क्षेत्र में बाढ़ आने का कारण सावन के महीने में कई दिनों तक लगातार बारिश होना था, जिससे धनशिरी नदी का तटबंध टूट गया और रातोंरात पूरे गाँव में पानी भर गया।
2. पाठ में उल्लिखित राहत शिविर की स्थिति का वर्णन करो।
Ans. राहत शिविर की स्थिति दयनीय थी। लोगों को अस्वस्थ वातावरण में रहना पड़ रहा था। वहाँ पेयजल की किल्लत थी, मच्छरों का उपद्रव था, और गंदगी के कारण बदबू से रहना मुश्किल हो रहा था।
3. राहत शिविर में किन-किन सामग्रियों का अभाव था?
Ans. राहत शिविर में खाद्य सामग्री, पानी, कपड़ा और दवाइयों सहित सभी तरह की मूलभूत सुविधाओं का अभाव था।
4. बाढ़ राहत संबंधी सभा में क्या-क्या निर्णय लिए गए?
Ans. बाढ़ राहत संबंधी सभा में निम्नलिखित निर्णय लिए गए:
जिला उपायुक्त को आवेदन-पत्र लिखकर राहत सामग्री मुहैया कराने का अनुरोध करना।
स्वास्थ्य, बिजली और नागरिक स्वास्थ्य व तकनीकी विभागों को शिकायती पत्र देना।
उपायुक्त को लिखे गए पत्र और तीनों शिकायती पत्रों को एक दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा संबंधित अधिकारियों को सौंपना।
5. आवेदन-पत्र और शिकायती पत्र लिखने में किसने समीरण और रश्मि की मदद की?
Ans. आवेदन-पत्र और शिकायती पत्र लिखने में माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री बरुवा सर ने समीरण और रश्मि की मदद की।
6. समीरण के सहयोगियों के नाम लिखो।
Ans. समीरण के सहयोगियों के नाम अब्दुल और स्मृति और मृदुल और प्रियम थे।
7. आवेदन-पत्र में उपायुक्त महोदय से क्या प्रार्थना की गई
?
Ans. उपायुक्त महोदय से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए यथोचित कदम उठाने, तथा स्थानीय स्वास्थ्य, बिजली और नागरिक स्वास्थ्य व तकनीकी विभागों को तत्काल निर्देश जारी कर शिविर में आवश्यक सुविधाएँ मुहैया कराने की प्रार्थना की गई।
8. शिकायती पत्र का विषय क्या था?
Ans. शिकायती पत्र का विषय स्वास्थ्य संबंधी यथोचित सुविधा प्रदान के लिए प्रार्थना था।
9. बाढ़ राहत संबंधी सभा के अध्यक्ष कौन थे?
Ans.बाढ़ राहत संबंधी सभा के अध्यक्ष परमानंद दास जी थे।
10. बाढ़-पीड़ितों ने कब राहत की साँस ली?
Ans. बाढ़-पीड़ितों ने तब राहत की साँस ली जब प्रशासन की ओर से राहत शिविर में राहत सामग्री समेत मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई।
पाठ के आस-पास: (Page 94-95)
1. तुम्हारे विद्यालय में क्या एन.सी.सी. (राष्ट्रीय शिक्षार्थी वाहिनी) या स्काउट एंड गाइड की इकाई है? अगर हैं तो वे आपदाकाल में स्वयं सेवी दल की किस प्रकार मदद करती हैं? विद्यालय के स्वयं सेवी संगठन के सदस्य आपदाकाल के दौरान किस तरह कदम उठाते हैं तथा इसमें स्थानीय लोगों का क्या सहयोग रहता है? कक्षा में चर्चा करो।
{यह चर्चा-आधारित प्रश्न है। (संकेत: एन.सी.सी. और स्काउट एंड गाइड के सदस्य अनुशासित रूप से बचाव और राहत कार्यों में मदद करते हैं। वे शिविर में साफ-सफाई करते हैं, राहत सामग्री वितरण में सहयोग करते हैं, और घायलों या पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में मदद करते हैं। स्थानीय लोग राहत सामग्री जुटाकर और शारीरिक श्रम देकर सहयोग करते हैं।*) }
2. क्या तुमने कभी आपदाकाल में अपनी सेवा प्रदान की है? अगर नहीं की, तो किस तरह की मदद के लिए प्रस्तुत हो? बताओ और लिखो।
{यह व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित प्रश्न है। (उत्तर: हाँ/नहीं, मैं शिविर की साफ-सफाई करने, बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल करने, या राहत सामग्री जुटाने में मदद के लिए प्रस्तुत हूँ।)}
4. हिन्दी में महीनों के नाम लिखो:
वैसाख, जेठ, आषाढ़, सावन, भादो, आश्विन, कार्तिक, अगहन, पूस, माघ, फागुन, चैत।
5. हम किस-किस माध्यम से संदेश भेज सकते हैं? जानकारी प्राप्त करो।
Ans. हम संदेश भेजने के लिए निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
पत्र (डाक/कूरियर)
टेलीफोन (कॉल)
मोबाइल फ़ोन (एस.एम.एस., व्हाट्सएप, वॉयस नोट्स)
ईमेल
जन संचार माध्यम (समाचार पत्र, रेडियो, टी.वी.)
सोशल मीडिया
योग्यता-विस्तार: (Page 95-96)
1. बाढ़ असम की एक ज्वलंत समस्या है। बाढ़ को राष्ट्रीय समस्या घोषित करने का अनुरोध करते हुए अपने सहपाठियों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखो।
यह पत्र-लेखन का अभ्यास है।
Ans.
प्रधानमंत्री को पत्र
प्रेषक :
कक्षा 10 ‘अ’
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,
गुवाहाटी (असम)।
दिनांक : 9 अक्टूबर 2025
प्रति,
माननीय प्रधानमंत्री,
भारत सरकार,
नई दिल्ली।
विषय : बाढ़ को राष्ट्रीय समस्या घोषित करने हेतु निवेदन।
मान्यवर,
सविनय निवेदन है कि असम राज्य में हर वर्ष बाढ़ एक गंभीर समस्या के रूप में सामने आती है। बाढ़ के कारण लोगों के घर, पशु, फसलें तथा सम्पूर्ण जीवन-यापन नष्ट हो जाता है। असम की अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है और लाखों लोग हर वर्ष विस्थापित हो जाते हैं।
हम, असम राज्य के विद्यार्थी, आपसे निवेदन करते हैं कि बाढ़ की समस्या को राष्ट्रीय समस्या घोषित किया जाए, ताकि इसके समाधान हेतु केन्द्र सरकार की ओर से स्थायी उपाय किए जा सकें — जैसे कि प्रभावी बाँध निर्माण, नदी के तटबंधों की मरम्मत, तथा राहत कार्यों के लिए विशेष कोष की स्थापना।
हमें विश्वास है कि आपके हस्तक्षेप से असम के लोगों को इस प्राकृतिक आपदा से राहत मिलेगी।
सधन्यवाद,
आपका आज्ञाकारी
(सभी सहपाठियों की ओर से)
[तुम्हारा नाम]
कक्षा 10 ‘अ’
2. अपने क्षेत्र की समस्याओं का पता लगाओ। इन समस्याओं की एक सूची बनाओ। सूची में प्रत्येक समस्या के उत्पन्न होने की वजह लिखो। इनमें से किसी एक समस्या के समाधान के लिए तुम क्या कदम उठाओगे, लिखो।
यह परियोजना कार्य है। (उदाहरण के लिए, समस्या: पानी जमाव। वजह: खराब जल निकासी। कदम: स्थानीय अधिकारियों को पत्र लिखना, स्वयंसेवकों के साथ मिलकर नाले साफ करना।)
3. अपने क्षेत्र की समस्याओं में से एक प्रधान समस्या के समाधान हेतु संबंधित अधिकारी को एक शिकायती पत्र लिखो।
Ans.
प्रेषक:
ग्राम/वार्ड नं. – [अपना वार्ड या गाँव का नाम लिखें]
पोस्ट – [पोस्ट ऑफिस का नाम]
जिला – काछार (Cachar)
दिनांक – [आज की तारीख]
प्रति,
जिला अधिकारी महोदय,
जिला काछार (असम)।
विषय: रास्ते की दयनीय स्थिति के संबंध में शिकायत।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हमारे क्षेत्र का मुख्य मार्ग (जो ___ से ___ तक जाता है) बहुत ही खराब अवस्था में है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, वर्षा के समय पानी भर जाता है जिससे लोगों को आने-जाने में बहुत कठिनाई होती है। स्कूल जाने वाले बच्चे, बीमार व्यक्ति तथा आम नागरिकों को रोज़ाना परेशानी झेलनी पड़ती है।
कई बार हमने पंचायत एवं स्थानीय प्रशासन को इस समस्या के बारे में अवगत कराया है, परंतु अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सड़क की स्थिति दिन-प्रतिदिन और भी खराब होती जा रही है।
अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस मार्ग की शीघ्र मरम्मत करवाने की कृपा करें ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
आपका विश्वासी,
(हस्ताक्षर)
नाम – [अपना नाम लिखें]
पता – [पूरा पता लिखें]
मोबाइल नं. – [यदि आवश्यक हो तो]
आओ, पाठ में आए कुछ शब्दों के अर्थ जानें: (Page 96)
शब्द अर्थ
मुकाबला – सामना, मुठभेड़
राहत – सहायता, आराम, चैन
किल्लत – कमी, तंगी
दुर्गध – बदबू
आखिरकार – अंत में, परिणामतः
तटबंध – किनारे को बाँधने वाला बाँध
तांडव – विनाशकारी नृत्य, उग्र रूप
उपद्रव – परेशानी पैदा करना, ऊधम
एहसास – अनुभव, बोध
राजमार्ग – मुख्य मार्ग
प्रशासन – सरकारी व्यवस्था
व्यवस्था – प्रबंध, इंतज़ाम
विडम्बना – दुःखद या हास्यास्पद स्थिति
स्वयंसेवी – अपनी इच्छा से सेवा करने वाला
प्रतिकूल – विपरीत, उल्टा
मूलभूत – बुनियादी, आवश्यक
मुहैया – उपलब्ध कराना
गणमान्य -आदरणीय, प्रतिष्ठित
आशंका – संदेह, डर
प्रतिनिधिमंडल – प्रतिनिधियों का समूह
आश्वासन – भरोसा, दिलासा
सराहना – प्रशंसा, तारीफ़
